भुगतान अटका तो महुली में थमीं जरूरी सुविधाएं, चार माह से बंद शौचालय और खराब हैंडपंपों से बढ़ी परेशानी
महुली सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_ दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र की महुली ग्राम पंचायत में भुगतान की अड़चन अब आम लोगों की परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है। महुली बस स्टैंड का सार्वजनिक शौचालय करीब चार महीने से बंद है, तो दूसरी ओर हैंडपंप मिस्त्री का भुगतान नहीं होने से कई खराब हैंडपंपों की मरम्मत अटकी हुई है। स्वच्छता और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के प्रभावित होने से ग्रामीणों और राहगीरों में नाराजगी है।
महुली-पोलवा और पतरिहा गांवों के बीच स्थित बस स्टैंड पर रोजाना आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचते हैं। ग्रामीण बैंक सहित अन्य प्रतिष्ठानों के कारण यहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। बसों के इंतजार में आने वाले यात्रियों के लिए सार्वजनिक शौचालय एक जरूरी सुविधा है, लेकिन करीब चार माह से बंद होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। महिलाओं के सामने विशेष रूप से समस्या खड़ी हो रही है।
शौचालय के समीप ही खेल मैदान है। शौचालय बंद होने के कारण कुछ लोग मैदान के किनारे खुले में शौच करने को मजबूर हैं। इससे आसपास गंदगी फैलने के साथ दुर्गंध भी उठ रही है। बस स्टैंड के दुकानदारों का कहना है कि बदबू के कारण दुकान पर बैठना तक मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने शौचालय की तत्काल सफाई कराकर उसे सार्वजनिक उपयोग के लिए खोलने की मांग की है।
वहीं ग्राम पंचायत क्षेत्र में कई हैंडपंप खराब बताए जा रहे हैं। हैंडपंप मिस्त्री का भुगतान नहीं होने के कारण उनकी मरम्मत प्रभावित होने से ग्रामीणों को पानी के लिए दूसरे स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोगों को पेयजल के लिए दूर तक जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं का संचालन किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए।
महुली ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल ने बताया कि केयरटेकर का भुगतान नहीं होने से सार्वजनिक शौचालय की सफाई और देखरेख प्रभावित हुई है। इसी तरह हैंडपंप मिस्त्री के भुगतान की समस्या के कारण कुछ हैंडपंपों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था कराकर शौचालय को तत्काल चालू कराने के साथ खराब हैंडपंपों की मरम्मत भी कराई जाएगी।नी
महुली (सोनभद्र)। दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र की महुली ग्राम पंचायत में भुगतान की अड़चन अब आम लोगों की परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है। महुली बस स्टैंड का सार्वजनिक शौचालय करीब चार महीने से बंद है, तो दूसरी ओर हैंडपंप मिस्त्री का भुगतान नहीं होने से कई खराब हैंडपंपों की मरम्मत अटकी हुई है। स्वच्छता और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के प्रभावित होने से ग्रामीणों और राहगीरों में नाराजगी है।
महुली-पोलवा और पतरिहा गांवों के बीच स्थित बस स्टैंड पर रोजाना आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचते हैं। ग्रामीण बैंक सहित अन्य प्रतिष्ठानों के कारण यहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। बसों के इंतजार में आने वाले यात्रियों के लिए सार्वजनिक शौचालय एक जरूरी सुविधा है, लेकिन करीब चार माह से बंद होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। महिलाओं के सामने विशेष रूप से समस्या खड़ी हो रही है।
शौचालय के समीप ही खेल मैदान है। शौचालय बंद होने के कारण कुछ लोग मैदान के किनारे खुले में शौच करने को मजबूर हैं। इससे आसपास गंदगी फैलने के साथ दुर्गंध भी उठ रही है। बस स्टैंड के दुकानदारों का कहना है कि बदबू के कारण दुकान पर बैठना तक मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने शौचालय की तत्काल सफाई कराकर उसे सार्वजनिक उपयोग के लिए खोलने की मांग की है।
वहीं ग्राम पंचायत क्षेत्र में कई हैंडपंप खराब बताए जा रहे हैं। हैंडपंप मिस्त्री का भुगतान नहीं होने के कारण उनकी मरम्मत प्रभावित होने से ग्रामीणों को पानी के लिए दूसरे स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोगों को पेयजल के लिए दूर तक जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं का संचालन किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए।
महुली ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल ने बताया कि केयरटेकर का भुगतान नहीं होने से सार्वजनिक शौचालय की सफाई और देखरेख प्रभावित हुई है। इसी तरह हैंडपंप मिस्त्री के भुगतान की समस्या के कारण कुछ हैंडपंपों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था कराकर शौचालय को तत्काल चालू कराने के साथ खराब हैंडपंपों की मरम्मत भी कराई जाएगी।









